हरियाणा की बेटियों का कमाल: सगी दो बहनों ने जीते दो गोल्ड, देश भर में बजा डंका
The Triumph of Haryana's Daughters
दो बहनों ने राष्ट्रीय अस्मिता किक बॉक्सिंग टूर्नामेंट में जमाई धाक, जीते दो गोल्ड
26 से 29 तक चैन्नई तमिलनाडु में आयोजित प्रतियोगिता में दोनों बहनों ने प्रदेश का नाम किया रोशन
फरीदाबाद। दयाराम वशिष्ठ: The Triumph of Haryana's Daughters: चैन्नई (तमिलनाडु) में आयोजित राष्ट्रीय अस्मिता किक बॉक्सिंग टूर्नामेंट में फरीदाबाद की अंतर्राष्ट्रीय खिलाडी सगी दो बहनों रिद्धिमा कौशिक व विधिका कौशिक ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए दो र्स्वण पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है।

26 से 29 मार्च तक चली इस प्रतियोगिता में हरियाणा की इन प्रतिभाशाली बेटियों ने दमदार खेल का प्रदर्शन कर र्स्वण पदक अपने नाम किए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले ये दोनों बहनें अब तक 100 से अधिक गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं और लगातार प्रदेश व देश का गौरव बढा रही हैं।
वाको इण्डिया किकबॉक्सिंग महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार अग्रवाल ने बताया कि भारत में किकबॉक्सिंग ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जब इसे युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की प्रतिष्ठित पहल “खेलो (Play) इंडिया अस्मिता कार्यक्रम” में शामिल किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर में महिलाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने और जमीनी स्तर पर खेलों को मजबूत करना है।

इस प्रतियोगिता में प्रदेश के स्वर्ण पदक विजेता खिलाडियों में सगी दो बहनों रिद्धिमा कौशिक, विधिका कौशिक के अलावा श्रद्धा रंगड़, प्रीशा गुप्ता, निरल कुकरेजा, रिशा गुप्ता, तनीषा कादयान, पिंकी, आशु एवं सावनी चौधरी भी शामिल हैं।
वाको इंडिया किकबॉक्सिंग फेडरेशन को आधिकारिक रूप से “अस्मिता खेलो इंडिया महिला किकबॉक्सिंग लीग” आयोजित करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह लीग देश के 33 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 150 शहरों में आयोजित की गई, जिसे चार जोनों – पश्चिम, उत्तर, दक्षिण और पूर्व – में विभाजित किया गया था।

इन सभी जोनों में सफल आयोजन के पश्चात अब “राष्ट्रीय अस्मिता महिला किकबॉक्सिंग लीग” का आयोजन चेन्नई, तमिलनाडु में किया गया ,इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता में सभी जोनों से चयनित कैडेट, जूनियर और सीनियर वर्ग की 800 से अधिक महिला खिलाड़ी एक ही मंच पर प्रतिस्पर्धा किया।
किकबॉक्सिंग के माध्यम से महिलाएं न केवल प्रतिस्पर्धा के अवसर प्राप्त करती हैं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन, शारीरिक फिटनेस और आत्मरक्षा जैसे महत्वपूर्ण गुण भी विकसित करती हैं।”